विदेशी छात्र

वियोला बोर्डन

सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय
स्टूडियो आर्ट 2018 में ललित कला की स्नातक

अनुदानः जॉन टी. मिलिकेन विदेश यात्रा पुरस्कार 2018

वियोला के उत्साह ने उसे जॉन टी. मिलिकेन विदेश यात्रा अनुदान दिलवाया, और वह 2018 में तीन महीने की अवधि के लिए भारतीय शिल्प संस्थान (आईआईसीडी) आईं। आईआईसीडी में, उन्हें शिल्प की समझ बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों, जैसे चमड़ा, पत्थर पर जड़ाई, तारकशी, काष्ठकला, एनामेलिंग, नीली मिट्टी के बर्तन और अन्य कई विभागों से जोड़ा गया।

हैलेन कैंपबेल

एसएमएस पीजी 2018-2020

क्यों सॉफ्ट मटिरीयल में एम.वाॅक करने के लिए मैंने आईआईसीडी को चुना!!

आईआईसीडी में आवेदन करने से पहले मैंने पूरे भारत में विभिन्न टेक्सटाइल पाठ्यक्रमों पर शोध किया। मेरी समझ से, आईआईसीडी इस मायने में विशिष्ट है कि यह एकमात्र कॉलेज है, जो विशेष रूप से भारत के पारंपरिक कला और शिल्प की स्थिरता को बढ़ावा देने में विशेषज्ञता रखता है, जो इसके शिक्षण संबंधी विज़न और सीखने के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राजस्थान के जिस क्षेत्र की मैंने भी खोज की है, उसकी टेक्सटाइल परंपराओं में शिल्प का समृद्ध स्त्रोत और शिल्प की विविधता है, जिसमें छपाई, सिलाई और रंगाई की तकनीकें शामिल हैं। भारत आने से पहले 5 साल तक जापान में रहने के बाद, मैं इन दोनों संस्कृतियों के बीच समान, फिर भी बहुत अलग! शिल्प संबंधों (पारंपरिक यूकियो-ई पिं्रटिंग, शिबोरी और साशिको सिलाई आदि) को देख सकती हूं और इस कन्सेप्ट को कि मैं अपने डिज़ाइन और कलाकृति के विकास में इन सांस्कृतिक प्रेरणाओं को कैसे आजमाना और मिलाना चाहूंगी…

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