प्रशंसापत्र

भाव्या गोएनका

आईआईसीडी में शिल्प के नज़रिए से डिज़ाइन का अध्ययन करने के बाद भारतीय विरासत के लिए सम्मान और समझ पैदा हुई। इस समझ ने मुझे शिल्प को गुणवत्ता और डिज़ाइन के नज़रिए से देख पाने में सशक्त किया, जिसके लिए आमतौर पर “संकुचित विचारधारा” (चटाई गलीचे की बुनाई, पैचवर्क आदि) रखी जाती थी। अच्छा डिज़ाइन, जो त्रुटिहीन शिल्प कौशल की ओर ले जाता है, कारीगरों के लिए एक अच्छी आय उत्पन्न करता है, जो कि न्यूनतम आय सेे अधिक और उचित होती है। यह हमें एक विशिष्ट मूल्य प्रस्तुत करने की भी अनुमति देता है। 2018 के जनवरी में ब्रांड लॉन्च के बाद, हमारे अप-साइकल संग्रह “कट इट आउट!“ का चयन सर्कुलर डिज़ाइन चैलेंज, लेक्मे फैशन वीक की सम्मानित प्रतियोगिता (भारत का पहला प्रयास) में शीर्ष 8 में हुआ। प्रतियोगिता में 900 आवेदकों ने प्रवेश किया।

इरो इरो अब एक ज़ीरो-वेस्ट लाइफस्टाइल और फैशन ब्रांड के रूप में कार्य करता है। इरो इरो ने लेक्मे फैशन वीक, मुंबई; संकल्प अवाड्र्स, मुंबई और राजस्थान हेरिटेज वीक में अपने संग्रह प्रदर्शित किए हैं। इरो इरो सर्कुलर डिज़ाइन चैलेंज, 2019 में 900 प्रविष्टियों में से चयनित किये गए 8 फाइनलिस्टों में से एक था। यह ब्रांड लेक्सस डिज़ाइन अवार्ड, 2019 और 2020 के लिए एक फाइनलिस्ट भी रहा है।

भाव्या गोएनका
यूजी-एफएमए 2011-2015

ईशानी वशिष्ठ

आईआईसीडी का मेरा अनुभव परिपूर्णता और समृद्धि भरा है। हमने डिज़ाइन के आधारों पर बहुत कुछ सीखा। किसी भी शैक्षणिक संस्थान का उद्देश्य मानव विकास और व्यक्तित्व विकास है और इसके लिए मैं आईआईसीडी को अपना धन्यवाद देना चाहती हूं और आईआईसीडी के अपने सभी संकाय सदस्यों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने मेरे व्यक्तित्व में जबरदस्त विकास किया। यह एक बहुत छोटी बात है, पर एक बहुत ही महत्वपूर्ण कौशल है कि आप किसी के दृष्टिकोण को अवलोकन में परिवर्तित करें, जो न केवल पेशेवर रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसने मुझे समग्र रूप से विकसित होने में मदद की, और मुझे अपनी खुद की कहानी लिखने के लिए प्रेरित किया, जिसे आज एक-नाम के नाम से जाना जाता है। ।
एक-नाम, शब्द का मतलब ही है “एक कहानी”, जिसका प्रतिनिधित्व हमारा ब्रांड मजबूती से करता है। एक-नाम सभी क्षेत्रों के क्लाइंट्स के लिए टिकाऊ कागज की पैकेजिंग, मैनेज्मेन्ट एक्सेसरिस और अनुकूलित पैकेजिंग सोल्यूशन प्रदान करता है।

ईशानी वशिष्ठ
यूजी एसएमए 2014-18

तीक्क्षणा प्रसाद

आईआईसीडी का अनुभव एक समृद्ध अनुभव था। सिरेमिक्स विभाग को मेरा हार्दिक आभार और इस यात्रा को सार्थक बनाने के लिए सभी गुरुओं को भी।

तीक्क्षणा प्रसाद
पीजी एफएमएस 2012-2014

तेज़ल श्रीनंद महेंदले

आईआईसीडी ने मुझे हमारे सुंदर देश, भारत की स्वदेशी शिल्प संस्कृति के प्रति संवेदनशील बनाने में मदद की है। मैंने व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक प्रभाव के माध्यम से डिज़ाइन को समझने के लिए एक नया दृष्टिकोण विकसित किया। आईआईसीडी के फायर्ड मेटीरियल विभाग की एक पूर्व छात्रा और अब एक सिरेमिक डिज़ाइनर होने के नाते, मैं वास्तव में अपनी मिट्टी के साथ एक गहरा जुड़ाव महसूस करती हूं। “माटिबनी“ के माध्यम से, जो कि हाथ से बने मिट्टी के बर्तनों का मेरा अपना ब्रांड है, मैंने मिट्टी के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखा है, और अपनी समृद्ध शिल्प विरासत और हमारी जड़ों से जुड़ने के महत्व के बारे में समाज को संवेदनशील बनाने की पूरी कोशिश करती हूं।

तेज़ल श्रीनंद महेंदले
पीजी एफएमएस 2016-18
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