आई आई सी डी – एक नज़र में

  • आईआईसीडी को सर्वप्रथम 20 अप्रेल 1995 को राजस्थान सोसाइटीस पंजीकरण अधिनियम 1958 के तहत् सोसाइटीस रजिस्ट्रार, जयपुर, राजस्थान के द्वारा शिल्प संस्थान, जयपुर के रूप में पंजीकृत किया गया था।
  • 27 अप्रेल 1998 को उपरोक्त अधिनियम के खंड 12 के तहत् इसका नाम बदल कर भारतीय शिल्प संस्थान, जयपुर, राजस्थान कर दिया गया।
  • 1999 में जवाहर नगर, जयपुर में गल्र्स हॉस्टल के साथ स्नातकोत्तर छात्रों का पहला बैच शुरू किया गया था।
  • नए भवन की नींव 9 नवंबर 2001 को रखी गई थी और गल्र्स हॉस्टल के साथ नए भवन का उद्घाटन 30 अक्टूबर 2002 को हुआ था। स्नातकोत्तर छात्रों के लिए 2003 में पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था।
  • वर्तमान भवन की पहली मंजिल 2004 में बनाई गई थी, जबकि गल्र्स हॉस्टल की पहली मंजिल के साथ प्रशासनिक भवन की दूसरी मंजिल 2006 में बनाई गई थी।
  • स्नातक कार्यक्रम 2005 में शुरू किए गए थे।
  • प्रारंभिक चरणों में, आईआईसीडी का कार्यालय राजस्थान लघु उद्योग विभाग, उद्योग भवन, जयपुर के कार्यालय में कार्यरत था। फिर यह कार्यालय 22 गोदाम क्षेत्र, जयपुर में एक किराए की इमारत में स्थानांतरित हो गया।
  • 6 अगस्त 2007 को, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत आईआईसीडी के प्रबंधन को अंबुजा शैक्षणिक संस्थान (एईआई) में स्थानांतरित करने के लिए राजस्थान सरकार और अंबुजा शैक्षणिक संस्थान (एईआई) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। आईआईसीडी के मामलों के प्रबंधन के लिए राजस्थान सरकार द्वारा एक नई शासी परिषद भी गठित की गई थी। इस शासी परिषद में राज्य सरकार ने एईआई से 5 नामांकित सदस्यों और कला, शिल्प और डिज़ाइन के क्षेत्र से 5 प्रमुख विशेषज्ञों के साथ राज्य सरकार के 5 अति वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में नामित किया गया।
  • 12 मार्च 2018 को, राजस्थान आईएलडी कौशल विश्वविद्यालय (आरआईएसयू), राजस्थान द्वारा भारतीय शिल्प संस्थान (आईआईसीडी) द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों को अनंतिम संबद्धता प्रदान की गई है। इस संबद्धता के बाद, आईआईसीडी ने अपने स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम शुरू किए हैं।
  • आईआईसीडी निदेशक को राजस्थान आईएलडी कौशल विश्वविद्यालय में डीन, उत्पाद और शिल्प डिज़ाइन के पद पर नियुक्त किया गया है।
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