अध्यक्ष का संदेश

मैं बेहद खुशी के साथ आप सभी का इस प्रतिष्ठित संस्थान-आईआईसीडी का हिस्सा बनने के लिए स्वागत करती हूँ। भारतीय शिल्प संस्थान एक नवप्रवर्तक संस्थान है, जिसकी स्थापना राजस्थान सरकार द्वारा की गयी है, उन युवा डिज़ाइन प्रोफेशनल्स के सृजन और निर्माण के लिए, जो शिल्प क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में समर्थ हैं। वर्तमान में, इसे अंबुजा शैक्षिक संस्थान (एईआई) द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत प्रबंधित किया जा रहा है।

एक संस्थान के तौर पर आईआईसीडी का विज़न उन शिल्पकारों को प्रशिक्षित करना है, जो सामाजिक मुद्दों के साथ व्यक्तिगत मूल्यों को जोड़ते हैं। हमारा ध्यान छात्रों को ‘चेंज एजेंट्स’ में बदलने पर है, जो शिल्प समुदाय के जीवन में एक महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव लाएंगे। शिक्षण और सह-पाठ्यक्रम, दोनों ही पहलुओं में उत्कृष्टता हमारे द्वारा अपने छात्रों को प्रदान की जाने वाली शिक्षा का एक महत्वपुर्ण मूल्य है। पिछले कुछ वर्षों में, आईआईसीडी कद और दायरे, दोनों में बढ़ा है। इस अवधि के दौरान, शासी परिषद/गवर्निंग काउन्सिल के प्रख्यात सदस्यों, जिसमें राजस्थान सरकार द्वारा नामित सदस्य भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने विज़न/दृष्टिकोण और ज्ञान के माध्यम से योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन में हमारी संस्थान विकास के पथ पर अग्रसर है। अम्बुजा शैक्षिक संस्थान (एईआई) ने पर्याप्त निवेश के साथ आईआईसीडी परिसर में बुनियादी ढांचे / इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक उन्नत करने के लिए एक साहसिक कदम उठाया। एक नया शैक्षणिक ब्लॉक, सम्मेलन कक्ष, गल्र्स हॉस्टल, भोजन क्षेत्र और कैंटीन की सुविधाओं में वृद्धि जैसी सुविधाएं पूरी की गईं। आईआईसीडी परिसर काफ़ी हरा-भरा और उत्कृष्ट सुविधाओं से परिपुर्ण है, जो रचनात्मक गतिविधियों के लिए एक अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराता है।आईआईसीडी के छात्रों को सुविकसित इंफ्रास्ट्रक्चर और एक शांत और हरे-भरे वातावरण से निश्चित ही लाभ होगा।आईआईसीडी के विज़न और मिशन को प्राप्त करने के अभियान में मुख्य भूमिका निभाने के लिए संकाय सदस्यों और स्टाफ सदस्यों कीहमारी एक मुख्य टीम है, जोबहुत ही प्रतिस्पर्धी और प्रेरित है।

आईआईसीडी में होने के नाते आपको शिल्प क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने और इस क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं को समझने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। आज डिज़ाइन व्यावहारिक कौशलों के साथ एक सहानुभूति और गहरी समझ की भी माँग करता है। इसलिए, मैं अनुभवी शिल्पकारों की लीग में शामिल होने के लिए आपका स्वागत करती हूं, जो बौद्धिक और भावनात्मक, दोनों रूप से दुनिया में बदलाव का नेतृत्व कर सकते हैं।


श्रीमती मधु नियोतिया

अध्यक्ष, आईआईसीडी

Pay Fee